अंजानी राहों में तू क्या ढूँढता फिरे
दूर जिसे समझा वो तो पास है तेरे
साँस में हवा, जान में ज़मीन
दिल में खुला आसमान
प्यार है खुदा, प्यार है ख़ुशी
प्यार से है दोनों जहाँ
तेरा यह आशियाना, मेरा भी आशियाना
घूमता रहा दूर तू कहीं, उड़ते बादलों की तरह
कहीं से तुझे आई है सदा, लौट के आ अब ज़रा
तेरा यह आशियाना, मेरा भी आशियाना
वो झिलमिलाती आँखें, वो भोली सी अदा
वो धीरे-धीरे चल के लहराती हवाएँ
हमको ले जाएँ वहाँ, जहाँ हो घर अपना
मेरी यादों में पाया है
आज तो मिलने का दिन है आया, आया...
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