Lyrics of Life
Poetry is untranslatable, like the whole art.
Showing posts with label
Urdu
.
Show all posts
Showing posts with label
Urdu
.
Show all posts
Jun 18, 2026
15 बेहतरीन शेर - 23 !!!
›
1. उम्र-भर जी के भी जीने का न अन्दाज आया। जिन्दगी छोड़ दे पीछा मेरा मैं बाज आया ॥- मोहम्मद अली 'ताज' 2. ख़मोशी से मुसीबत और भी संग...
May 28, 2026
Samandar Serial Title Song Lyrics (समंदर सीरियल टाइटल सॉन्ग)
›
समंदर की हसीन लहरों के कामिल हुक्मराँ हैं हम समंदर की हसीन लहरों के कामिल हुक्मराँ हैं हम नज़र है जिनकी बाने अर्श पर वो पासबान हैं हम समंदर ...
May 17, 2026
क्यों खोये खोये चांद की (Kyon khoye khoye chand ki)
›
आज शब जो चांद ने है रूठने की थान ली गर्दिशो में है सितारे बात हमने मान ली अंधेरी शाम जिंदगी को समझ थी नहीं कहीं कि एक आज हाथ थमलो की एक हाथ ...
May 5, 2026
15 बेहतरीन शेर - 22 !!!
›
1. ये नया शहर तो है ख़ूब बसाया तुमने, क्यूं पुराना हुआ वीरान ज़रा देख तो लो - जावेद अख़्तर 2. हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है, बड़...
Apr 17, 2026
15 बेहतरीन शेर - 21 !!!
›
1. आनेवाली नस्लें तुम पर फ़ख़्र करेंगी हम-असरो, जब भी उनको ध्यान आएगा तुमने 'फ़िराक़' को देखा है - फ़िराक़ गोरखपुरी 2. हमारे बस में ...
Apr 4, 2026
अभी साज़-ए-दिल में तराने बहुत हैं
›
अभी साज़-ए-दिल में तराने बहुत हैं अभी ज़िंदगी के बहाने बहुत हैं ये दुनिया हक़ीक़त की क़ाइल नहीं है फ़साने सुनाओ फ़साने बहुत हैं तिरे दर के ब...
Mar 31, 2026
हिंदी होने पर नाज़ जिसे कल तक था
›
हिंदी होने पर नाज़ जिसे कल तक था, हिज़ाज़ी बन बैठा, अपनी महफ़िल का रिंद पुराना आज नमाज़ी बन बैठा। महफ़िल में छुपा है कैसे—हज़्रत! दीवाना क...
Mar 27, 2026
बहादुर शाह ज़फ़र और हिंदुस्तान की तलवार: ऐतिहासिक शायरी की कहानी
›
1857 का भारतीय विद्रोह, जिसे आज़ादी की पहली क्रांति भी कहा जाता है, सिर्फ़ युद्ध की लड़ाई तक सीमित नहीं था। इस विद्रोह के दौरान आखिरी मुग़ल ...
Mar 23, 2026
15 बेहतरीन शेर - 20 !!!
›
1. सरजमीने-हिंद में अकवामे आलम के फ़िराक़, कारवां आते गए हिंदोस्ताँ बनता गया - फ़िराक़ गोरखपुरी 2. कुछ मेरे बाद और भी आएंगे क़ाफ़िले, कांटे...
Mar 11, 2026
शेर-ओ-शायरी - गीताप्रेस की किताब "एक लोटा पानी"
›
1. आईना! मुँह पर ही कहता है—साफ-साफ। सच यह है-जो साफ होता है, सफा कहता है।। 2. सँभल कर बैठना, जलवा मुहब्बत देखने वाले। तमाशा खुद न बन जाना ...
Mar 3, 2026
अल्लामा इक़बाल की शायरी: इस्लाम, जम्हूरियत और आत्मबल का दर्शन
›
अल्लामा मुहम्मद इक़बाल केवल शायर नहीं थे, वे एक विचारक, दार्शनिक और आत्मचेतना के कवि थे। उनकी शायरी व्यक्ति, समाज और सत्ता—तीनों से सवाल करत...
Feb 13, 2026
अकबर इलाहाबादी और सर सैयद: व्यंग्य और सामाजिक सुधार की शायरी
›
अकबर इलाहाबादी केवल आलोचक नहीं थे; वे सर सैयद के सामाजिक सुधारों के समर्थक भी थे। उनके दृष्टिकोण में सर सैयद के प्रयासों का सम्मान था, लेकि...
Feb 9, 2026
15 बेहतरीन शेर - 19 !!!
›
1. हमें तो ख़ैर कोई दूसरा अच्छा नहीं लगता, उन्हें ख़ुद भी कोई अपने सिवा अच्छा नहीं लगता -मोहसिन ज़ैदी 2. मिरे लहू से वज़ू और फिर वज़ू पे वज़...
Jan 18, 2026
घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में
›
घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में काँटों पे चले लेकिन होने न दिया ज़ाहिर तलवों का लहू धोया छुप छु...
Jan 12, 2026
पाँच साल
›
पाँच सालों में उग आता है बाप की आँखों में मोतियाबिंद जम जाती हैं माँ के चेहरे पर झुर्रियाँ चल बसता है दादा बिस्तर पकड़ लेती है दादी रिश्तेदा...
Nov 26, 2025
इश्क़ जलाकर - Ishq Jalakar | Karvaan - Hindi Lyrics– Dhurandhar Movie
›
धूप टूट के कांच की तरह चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा आंधियां कई दिल में है मेरे चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा दिल है टूटा मेरा मैं इश्क जला कर...
Nov 24, 2025
ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा
›
मैं इस उम्मीद पे डूबा के तू बचा लेगा अब इसके बाद मेरा इम्तेहान क्या लेगा ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा ढलेगा दिन तो हर एक अपना रास्ता...
Oct 31, 2025
15 बेहतरीन शेर - 18 !!!
›
1. चला था ज़िक्र मेरी खामियों का महफ़िल में, जो लोग बहरे थे उनको सुनाई देने लगे - सलीम सिद्दीक़ी 2. रहता है सिर्फ एक ही कमरे में आदमी उसका ग...
Oct 1, 2025
बनारस की गली / नज़ीर बनारसी
›
हर गाम पे हुशियार बनारस की गली में फ़ितने भी हैं बेदार बनारस की गली में ऐसा भी है बाज़ार बनारस की गली में बिक जायें ख़रीदार बनारस की गली में...
Aug 21, 2025
ऐ उम्र..! कुछ कहा मैंने
›
ऐ उम्र..! कुछ कहा मैंने, पर शायद तूने सुना नहीं.. तू छीन सकती है बचपन मेरा, पर बचपना नहीं..!! हर बात का कोई जवाब नहीं होता हर इश्क का नाम खर...
3 comments:
›
Home
View web version