Lyrics of Life
Poetry is untranslatable, like the whole art.
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Feb 13, 2026
अकबर इलाहाबादी और सर सैयद: व्यंग्य और सामाजिक सुधार की शायरी
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अकबर इलाहाबादी केवल आलोचक नहीं थे; वे सर सैयद के सामाजिक सुधारों के समर्थक भी थे। उनके दृष्टिकोण में सर सैयद के प्रयासों का सम्मान था, लेकि...
Jan 27, 2026
कबीरदास के दोहे: सरल हिंदी में अर्थ
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1. दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय। मरी खाल की साँस से, लोहा भस्म हो जाय॥ भावार्थ: कमजोर पर अत्याचार करने से स्वयं का नुकसान होता है। 2....
Jan 21, 2026
वो मिट्टी के बेटे - (Mitti Ke Bete Lyrics in Hindi) - INS Vikrant
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क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे..ए.. क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे मौत पे अपने हँसते थे दिल में वतन को रखने वाले सर पे कफ़न भी रखते थे हम जो तिरंगा लह...
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Jan 12, 2026
पाँच साल
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पाँच सालों में उग आता है बाप की आँखों में मोतियाबिंद जम जाती हैं माँ के चेहरे पर झुर्रियाँ चल बसता है दादा बिस्तर पकड़ लेती है दादी रिश्तेदा...
Jan 4, 2026
रहीम के 25 अमर दोहे: सरल भाषा में विस्तृत अर्थ
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1. अब रहीम मुश्किल पड़ी, गाढ़े दोऊ काम। सांचे से तो जग नहीं, झूठे मिलें न राम॥ विस्तृत अर्थ: जब मनुष्य पर कठिन समय आता है, तब सच्चाई का स...
Dec 31, 2025
UP Board Hindi Book "महान व्यक्तित्व" (पूर्व नाम – हमारे पूर्वज) के प्रेरक दोहे
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1. चढ़ै टरै सूरज टरै, टरै जगत व्यवहार। पै दृढ़ हरिचंद को, टरै न सत्य विचार।। 2. नौ लख पातर आगे नाचै, पीछे सहज अखाड़ा। ऐसो मन लै जोगी खेलै त...
Dec 24, 2025
अरावली के आख़िरी दिन
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एक मधुमक्खी परागकणों के साथ उड़ते-उड़ते थक जाएगी। सभी बहेलिए जाल को देखकर उलझन में पड़ जाएँगे। एक नन्हा ख़रगोश लू की बौछार में हाँफते-हाँफते...
Dec 19, 2025
यह वह बनारस नहीं गिंसबर्ग
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'हाउल' नहीं गिंसबर्ग परवर्ती पीढ़ी हमारी नहीं मालूम जिसे क्यों कब किसने लिखा कुछ पढ़कर सो कुछ लिखकर सो देख रही बिकती बोटियाँ जिगर कीं ...
Dec 10, 2025
खेले मसाने में होरी दिगम्बर
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खेले मसाने में होरी दिगम्बर भुत पिसाच बटोरी दिगंबर खेले मसाने में होरी, लखि सूंदर फागुनी झता के, मन से रंग गुलाल हटा के, चिता बसम की झोरी दि...
Dec 6, 2025
हिंदू मुस्लिम करने वाले देश के दुश्मन
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उजले कपड़े, मन के काले देश के दुश्मन हिंदू मुस्लिम करने वाले देश के दुश्मन दूर दूर तक देख न पाने की मजबूरी हिलते से आंखों के जाले देश के दुश...
Nov 26, 2025
इश्क़ जलाकर - Ishq Jalakar | Karvaan - Hindi Lyrics– Dhurandhar Movie
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धूप टूट के कांच की तरह चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा आंधियां कई दिल में है मेरे चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा दिल है टूटा मेरा मैं इश्क जला कर...
Nov 24, 2025
ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा
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मैं इस उम्मीद पे डूबा के तू बचा लेगा अब इसके बाद मेरा इम्तेहान क्या लेगा ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा ढलेगा दिन तो हर एक अपना रास्ता...
Nov 6, 2025
बुद्ध भगवान
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बुद्ध भगवान, अमीरों के ड्राइंगरूम, रईसों के मकान तुम्हारे चित्र, तुम्हारी मूर्ति से शोभायमान। पर वे हैं तुम्हारे दर्शन से अनभिज्ञ, तुम्हारे ...
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Oct 31, 2025
15 बेहतरीन शेर - 18 !!!
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1. चला था ज़िक्र मेरी खामियों का महफ़िल में, जो लोग बहरे थे उनको सुनाई देने लगे - सलीम सिद्दीक़ी 2. रहता है सिर्फ एक ही कमरे में आदमी उसका ग...
Oct 27, 2025
आनेवाला ख़तरा
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इस लज्जित और पराजित युग में कहीं से ले आओ वह दिमाग़ जो ख़ुशामद आदतन नहीं करता कहीं से ले आओ निर्धनता जो अपने बदले में कुछ नहीं माँगती और उसे...
Oct 8, 2025
गाज़ा का कुत्ता
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वह जो कुर्सी पर बैठा अख़बार पढ़ने का ढोंग कर रहा है जासूस की तरह वह दरअसल मृत्यु का फ़रिश्ता है । क्या शानदार डॉक्टरों जैसी बेदाग़ सफ़ेद पोश...
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Oct 5, 2025
किसान की आवाज़ | The Voice of the Farmer - Poem in Jolly LLB 3 Movie
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छप्पर टपकता रहा मेरा फिर भी मैंने बारिश की दुआ की मेरे दादा को परदादा से पिता को दादा से और मुझे पिता से जो विरासत मिली वही सौंपना चाहता था ...
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प्रश्नोत्तर तरह के जोगीरा (Jogira sa ra ra )
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1. कय हाथ के धोती पेन्हा, कय हाथ लपेटा? कय पान का बीरा खाया, कय बाप के बेटा? सात हाथ का धोती पेन्हा, पाँच हाथ लपेटा । चार पान का बीड़ा खाय...
Oct 1, 2025
बनारस की गली / नज़ीर बनारसी
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हर गाम पे हुशियार बनारस की गली में फ़ितने भी हैं बेदार बनारस की गली में ऐसा भी है बाज़ार बनारस की गली में बिक जायें ख़रीदार बनारस की गली में...
Sep 29, 2025
निराला की कविता में संगीत
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ताक कमसिनवारि, ताक कम सिनवारि, ताक कम सिन वारि, सिनवारि सिनवारि। ता ककमसि नवारि, ताक कमसि नवारि, ताक कमसिन वारि, कमसिन कमसिनवारि। इरावनि समक...
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