What passing-bells for these who die as cattle?
— Only the monstrous anger of the guns.
Only the stuttering rifles' rapid rattle
Can patter out their hasty orisons.
No mockeries now for them; no prayers nor bells;
Nor any voice of mourning save the choirs,—
The shrill, demented choirs of wailing shells;
And bugles calling for them from sad shires.
What candles may be held to speed them all?
Not in the hands of boys, but in their eyes
Shall shine the holy glimmers of goodbyes.
The pallor of girls' brows shall be their pall;
Their flowers the tenderness of patient minds,
And each slow dusk a drawing-down of blinds.
--- Wilfred Owen
Lyrics of Life
Poetry is untranslatable, like the whole art.
Jun 13, 2026
Jun 10, 2026
Kya Maloom (Indian Ocean Band)
तीव्र आँधी मृत्युगामी
तीव्र आँधी मृत्युगामी
तीव्र आँधी मृत्युगामी पतालोकम चले
तीव्र आँधी मृत्युगामी पतालोकम चले
धर तिलक की छाप शिखधर तांडव को चले
बाँध घुंगरू मत मगन सुर-ताल अग्नि चढ़े
रक्त रंजित हो धरा रस रूप मंथन करे
रक्त रंजित हो धरा रस रूप मंथन करे
शम की उड़ती धूल शिव का महिमा मंडन करे
Jun 5, 2026
सुभाषितानि - 6 (Subhashitani - 6)
1. रे रे चातक! सावधानमनसा मित्र क्षणं श्रूयतां, अंभोदा बहवो हि सन्ति गगने सर्वेऽपि नैतादृशाः ।
हिंदी अर्थ: श्लोक में चातक पक्षी से संबोधित करते हुए कहा गया है कि वह सावधान रहे क्योंकि आसमान में कई प्रकार के बादल होते हैं। कुछ बादल जीवनदायक वर्षा करते हैं, पर कुछ केवल गर्जते हैं और कुछ भी नहीं देते। इसलिए जो भी तुम्हें मदद या सहारा देगा, उसकी खोज समझदारी से करो और किसी के सामने कमजोर वाणी से याचना न करो।
2. साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः। तृणं न खादन्नपि जीवमानः तद्भागधेयं परमं पशूनाम्॥
हिंदी अर्थ: जो मनुष्य साहित्य, संगीत और कला से वंचित होता है, वह बिना पूंछ और बिना सींगों वाला साक्षात् पशु के समान होता है। वह घास नहीं खाता हुआ भी जीवित रहता है, यानि यह पशुओं के लिए बड़ी सौभाग्य की बात है।
यह श्लोक भर्तृहरि के नीतिशतकम् से लिया गया है।
3. अश्वं नैव गजं नैव व्याघ्रं नैव च नैव च ।अजापुत्रं बलिं दद्यात् देवो दुर्बलघातकः
हिंदी अर्थ: अश्वं (घोड़ा) नहीं, गजं (हाथी) नहीं, व्याघ्रं (बाघ) नहीं, न ही कोई और बड़ा जानवर, बलिदान (बलि) देवता केवल अजापुत्र (बकरी के बच्चे) को देते हैं। अर्थात् देव भी दुर्बलों को हानि पहुँचाते हैं। समाज में या सत्ता व्यवस्था में अकसर ताकतवरों को शक्तिशाली माना जाता है और वे सुरक्षित रहते हैं, जबकि कमजोरों को ही नुकसान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
4. सर्वं ज्ञेयं परं सा विद्या यया तु सुखं न विद्यते। यस्मिन्नपि नास्ति सुखं तस्य विद्या किं फलति॥
केचिद्वृष्टिभिरार्द्रयन्ति वसुधां गर्जन्ति केचित् वृथा, यं यं पश्यसि तस्य तस्य पुरतो मा ब्रूहि दीनं वच: ॥
हिंदी अर्थ: श्लोक में चातक पक्षी से संबोधित करते हुए कहा गया है कि वह सावधान रहे क्योंकि आसमान में कई प्रकार के बादल होते हैं। कुछ बादल जीवनदायक वर्षा करते हैं, पर कुछ केवल गर्जते हैं और कुछ भी नहीं देते। इसलिए जो भी तुम्हें मदद या सहारा देगा, उसकी खोज समझदारी से करो और किसी के सामने कमजोर वाणी से याचना न करो।
2. साहित्यसङ्गीतकलाविहीनः साक्षात्पशुः पुच्छविषाणहीनः। तृणं न खादन्नपि जीवमानः तद्भागधेयं परमं पशूनाम्॥
हिंदी अर्थ: जो मनुष्य साहित्य, संगीत और कला से वंचित होता है, वह बिना पूंछ और बिना सींगों वाला साक्षात् पशु के समान होता है। वह घास नहीं खाता हुआ भी जीवित रहता है, यानि यह पशुओं के लिए बड़ी सौभाग्य की बात है।
यह श्लोक भर्तृहरि के नीतिशतकम् से लिया गया है।
3. अश्वं नैव गजं नैव व्याघ्रं नैव च नैव च ।अजापुत्रं बलिं दद्यात् देवो दुर्बलघातकः
हिंदी अर्थ: अश्वं (घोड़ा) नहीं, गजं (हाथी) नहीं, व्याघ्रं (बाघ) नहीं, न ही कोई और बड़ा जानवर, बलिदान (बलि) देवता केवल अजापुत्र (बकरी के बच्चे) को देते हैं। अर्थात् देव भी दुर्बलों को हानि पहुँचाते हैं। समाज में या सत्ता व्यवस्था में अकसर ताकतवरों को शक्तिशाली माना जाता है और वे सुरक्षित रहते हैं, जबकि कमजोरों को ही नुकसान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
4. सर्वं ज्ञेयं परं सा विद्या यया तु सुखं न विद्यते। यस्मिन्नपि नास्ति सुखं तस्य विद्या किं फलति॥
हिंदी अर्थ: संपूर्ण ज्ञान वह विद्या है जिससे सुख की अनुभूति होती है। जिसके अंतःस्थ सुख की अनुभूति नहीं है, उसकी विद्या का क्या महत्त्व?
5. काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणम्॥
हिंदी अर्थ: काक चेष्टा - कौवे की तरह प्रयासशील और धैर्यवान होना।
बको ध्यानं - बगुले की तरह एकाग्र और ध्यान केंद्रित रखें।
श्वान निद्रा - कुत्ते जैसी नींद लेना अर्थात सतर्क और कम नींद लेना।
अल्पहारी - कम मात्रा में भोजन करना ताकि शरीर हल्का और सक्रिय रहे।
गृहत्यागी - घर की सुविधाओं और आराम की मोह छोड़कर, पढ़ाई पर ध्यान लगाना।
यह पांच गुण एक आदर्श विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें मेहनत, एकाग्रता, सतर्कता, संयम, और त्याग शामिल हैं।
हिंदी अर्थ: काक चेष्टा - कौवे की तरह प्रयासशील और धैर्यवान होना।
बको ध्यानं - बगुले की तरह एकाग्र और ध्यान केंद्रित रखें।
श्वान निद्रा - कुत्ते जैसी नींद लेना अर्थात सतर्क और कम नींद लेना।
अल्पहारी - कम मात्रा में भोजन करना ताकि शरीर हल्का और सक्रिय रहे।
गृहत्यागी - घर की सुविधाओं और आराम की मोह छोड़कर, पढ़ाई पर ध्यान लगाना।
यह पांच गुण एक आदर्श विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें मेहनत, एकाग्रता, सतर्कता, संयम, और त्याग शामिल हैं।
5. शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैः पर्वतलङ्घनम्। शनैर्विद्या शनैर्वित्तं पञ्चैतानि शनैः शनैः ॥
हिंदी अर्थ: राह धीरे धीरे कटती है, कपड़ा धीरे धीरे बुनता है, पर्वत धीरे धीरे चढा जाता है, विद्या और धन भी धीरे-धीरे प्राप्त होते हैं, ये पाँचों धीरे धीरे ही होते हैं।
6. न ही लक्ष्मी कुलक्रमज्जता, न ही भूषणों उल्लेखितोपि वा ।
खड्गेन आक्रम्य भुंजीतः, वीर भोग्या वसुंधरा ।।
हिंदी अर्थ: न तो लक्ष्मी (धन-समृद्धि) जन्म से कुलीन होती है, न ही आभूषणों (भूषणों) का कोई उल्लेख ही है।
खड़ग (तलवार) से आक्रमण करके ही भोगी जाती है—वीरों द्वारा ही धरती (वसुंधरा) भोग्य है।
7. गुणैरुत्तमतां याति नोच्चैरासनसंस्थितः। प्रासादशिखरस्थोऽपि काकः किं गरुडायते।।
हिंदी अर्थ: गुणों से ही उत्तमता प्राप्त होती है, ऊँचे आसन पर बैठने से नहीं। प्रासाद के शिखर पर स्थित कौआ गरुड़ थोड़े ही बन जाता है।
Jun 1, 2026
Definitions
Trying to warn about Hitler’s plans for the Jews, Raphael Lemkin, linguist and jurist, invented the word genocide in 1943 describing the annihilation of the Armenians in 1915,“a systematic destruction of a population segment, or race, by a ruling government.”
were taught them by their
ancestors, Genghis Khan
and Tamerlane.
In 1895 the word
Holocaust was used by missionary
Corwin Shattuck to label the 1895
burning of Armenians in the Urfa cathedral.
These fires leveling
churches with Armenians locked
inside, spread to schools and barns.
Then to neighbors.
Assyrians named it Seifo.
The Greeks, the burning of Smyrna.
The Arabs, Nakba for catastrophe, calamity, disaster.
The Kurds used the words The Anfal.
Africans, apartheid, gypsies, annihilation,
the Syrians, intrafada.
The Jews named the crime by the Nazis, Shoah.
Then the Balkans called it ethnic cleansing.
But the present day Turkish label
for two and a half million lost
Armenians: unavoidable wartime casualties.
May 28, 2026
Samandar Serial Title Song Lyrics (समंदर सीरियल टाइटल सॉन्ग)
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
नज़र है जिनकी बाने अर्श पर वो
पासबान हैं हमसमंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
वतन के ज़र्रे ज़र्रे से मोहब्बत
हमको है ऐ दोस्त
वतन के ज़र्रे ज़र्रे से मोहब्बत
हमको है ऐ दोस्त
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
वतन के ज़र्रे ज़र्रे से मोहब्बत
हमको है ऐ दोस्त
वतन के ज़र्रे ज़र्रे से मोहब्बत
हमको है ऐ दोस्त
है मंज़िल जिनकी ठोकर में
वो मीलें कारवाँ हैं हम
है मंज़िल जिनकी ठोकर में
वो मीलें कारवाँ हैं हम
नज़र है जिनकी बाने अर्श पर वो
पासबान हैं हम
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
समंदर की हसीन लहरों
के कामिल हुक्मराँ हैं हम
---बाय कर्नल सुल्तान सिंह मलिक
दूरदर्शन पर भारतीय नौसेना पर आधारित सीरियल बहुत दुर्लभ थे, और समंदर (१९९५–१९९६) उसके लिए सबसे प्रसिद्ध और अद्वितीय उदाहरण है। यह २५ एपिसोड वाला हिंदी सीरियल १९९५ से १९९६ तक दूरदर्शन (DD Metro) पर प्रसारित हुआ था, जो भारतीय नौसेना के अधिकारियों के जीवन, उनकी समर्पण भावना, युद्ध में संघर्ष और साथियों के साथ मिलजुलकर रहने की भावना को दर्शाता था। इसका निर्माण सेवानिवृत्त विंग कमांडर अनुप सिंह बेदी वीएसएम ने किया था, जिनकी मदद सेना के सेवानिवृत्त कर्नल (डॉ.) सुल्तान सिंह मलिक (जिन्हें संगीतकार/गायक के रूप में भी जाना जाता है) ने की थी। सीरियल में समीर सोनी, अमन वर्मा, वीनाता मलिक, और गिरिश मलिक जैसे प्रसिद्ध अभिनेताओं ने मुख्य भूमिकाएँ निभाई थीं, साथ ही असली भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने भी विशेष अभिनय किया था। इसमें भारतीय नौसेना के बेड़े के वास्तविक मैन्युवर और तस्वीरें भी दिखाई गई थीं। सीरियल का गीत "समंदर की हसीन लेहरों के कामील हुकूमरान हैं हम" से शुरू होता था, जिसकी रचना और गायन कर्नल एसएस मलिक ने किया था, और यह गीत बहुत लोकप्रिय हुआ था। इस सीरियल ने १९९५-९६ में बहुत उच्च TRP प्राप्त किया और ९० के दशक के नॉस्टल्जिक सीरियल के रूप में आज भी प्रेम किया जाता है।
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