Feb 9, 2026

15 बेहतरीन शेर - 19 !!!

1. हमें तो ख़ैर कोई दूसरा अच्छा नहीं लगता, उन्हें ख़ुद भी कोई अपने सिवा अच्छा नहीं लगता -मोहसिन ज़ैदी

2. मिरे लहू से वज़ू और फिर वज़ू पे वज़ू, डरा हुआ हूँ ज़माने तिरी नमाज़ से मैं - रफ़ी रज़ा

3. कुछ मेरे बाद और भी आएंगे क़ाफ़िले, कांटे ये रास्ते से हटा लूं तो चैन लूं। -तसव्वुर किरतपुरी

4. हमारे दिल में भी झांको अगर मिले फुर्सत, हम अपने चेहरे से उतने नजर नहीं आते..!! ~ वसीम बरेलवी

5. अब छोड़ साथ मेरा ऐ याद-ए-नौजवानी, इस उम्र का मुसाफ़िर तन्हाई चाहता है - क़तील शिफ़ाई

6. बुरा न मान अगर यार कुछ बुरा कह दे, दिलों के खेल में ख़ुद्दारियाँ नहीं चलतीं - कैफ़ भोपाली

7. मोहब्बत क्या बला है चैन लेना ही भुला दे है, ज़रा भी आँख झपके है तो बेताबी जगा दे है -कलीम आजिज़

8. मैं तो इस वास्ते चुप हूँ कि तमाशा न बने, तू समझता है मुझे तुझ से गिला कुछ भी नहीं - अख़्तर शुमार

9.सुब्ह हो जाएगी हाथ आ न सकेगा महताब, आप अगर ख़्वाब में चलते हैं तो चलते रहिए - मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद

10. मैं मुद्दतों जिया हूँ किसी दोस्त के बग़ैर अब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो ख़ैर ~ फ़िराक़ गोरखपुरी

11. तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं, एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं - क़तील शिफ़ाई

12. जाने ये कैसा ज़हर दिलों में उतर गया, परछाईं ज़िंदा रह गई, इंसान मर गया...!!! - उम्मीद फ़ाज़ली

13. लाई हयात आए क़ज़ा ले चली चले, अपनी ख़ुशी न आए न अपनी ख़ुशी चले - शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

14. वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है, कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं - मिर्ज़ा ग़ालिब

15. देखिए पाते हैं उश्शाक़ बुतों से क्या फ़ैज़ इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है - मिर्ज़ा ग़ालिब

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