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Sep 7, 2025

Alif Laila - Title Song Lyrics - Doordarshan

अलिफ लैला ओ ओ…

अलिफ लैला, अलिफ लैला, अलिफ लैला ओ ओ

अलिफ लैला, अलिफ लैला, अलिफ लैला

हर शब नई कहानी

दिलचस्प है बयानी

सदियाँ गुज़र गयी है

लेकिन न हो पुरानी

परियों को जीत लाये

जीनो को भी हराए

इंसान में वो ताकत

सब पे करे हुकूमत

अलिफ लैला ओ ओ ओ….

May 22, 2025

जंगल जंगल बात चली है (Jungle Book) (Old Doordarshan Serial Title Song)

जंगल जंगल बात चली है
पता चला है.. 
जंगल जंगल बात चली है। 
पता चला है..

अरे चड्डी पहन के फूल खिला है
फूल खिला है 
अरे चड्डी पहन के फूल खिला हैं 
फूल खिला है

जंगल जंगल पता चला है, 
चड्डी पहन के फूल खिला है 
जंगल जंगल पता चला है, 
चड्डी पहन के फूल खिला है

एक परिंदा है शर्मिंदा, 
था वो नंगा
भाई इससे तो अंडे के अंदर, 
था वो चंगा

सोच रहा है 
बाहर आखिर क्यों निकला है 
अरे चड्डी पहन के फूल खिला है 
फूल खिला है


 

Aug 12, 2023

एहसास (Ahsaas) (Old Doordarshan Serial Title Song)

इंसानियत का राज़ है, इंसान का एहसास ।
एहसास जिंदगी है, और जिदंगी एहसास ॥

अहसास ना हो तो उसूलों का क्या करें ।
दिल से दिल की ज्योत जलता है एहसास ॥
 
इंसानियत का राज़ है, इंसान का एहसास ।
एहसास जिंदगी है, और जिदंगी एहसास ॥

फ़ितरतों के बोझ से दबे है आदमी ।
नफ़रतों के आग में जला है आदमी ॥

भेद भाव रंग क्लेश को काट के ।
एहसास बनता है आदमी को आदमी, आदमी को आदमी ॥

इंसानियत का राज़ है, इंसान का एहसास ।
एहसास जिंदगी है, और जिदंगी एहसास ॥

--- पंचानन पाठक (  सीरियल का नाम: अहसास) 

Dec 25, 2022

Potli Baba Ki (पोटली बाबा की) (Old Doordarshan Serial Title Song)

आया... रे बाबा आया...

घुँघर वाली झेनू वाली झुन्नू का बाबा,
किस्सों का कहानियों का गीतों का चाबा,
घुँघर वाली झेनू वाली झुन्नू का बाबा,
किस्सों का कहानियों का गीतों का चाबा,
हे.. आया आया झेनू वाली झुन्नू का बाबा...
आया आया झेनू वाली झुन्नू का बाबा...

आया... रे बाबा आया...

पोटली में हरी-भरी परियों के पर
मंदिरों की घंटियों, कलीसाओं का बाघ,
पोटली में हरी-भरी परियों के पर
मंदिरों की घंटियों, कलीसाओं का बाघ,
हे..आया आया झेनू वाली झुन्नू का बाबा...
आया आया झेनू वाली झुन्नू का बाबा...

आया... रे बाबा आया...

Nov 20, 2022

गुच्छा है भाई गुच्छा है कहानियों का गुच्छा है (Guchhe) (Old Doordarshan Serial Title Song)

गुच्छा है भाई गुच्छा है कहानियों का गुच्छा है |
गुच्छा है भाई गुच्छा है कहानियों का गुच्छा है |
कहानी लेलो..

बिन दांतों की दादी अम्मा, बिन दांतों की दादी अम्मा |
दो पटनों की नानी.. लेलो.. लेलो.. लेलो..

गुच्छा है भाई गुच्छा है कहानियों का गुच्छा है |
कहानी लेलो...

भारी भरकम एक कहानी |
भारी भरकम एक कहानी |
केले के छिलके पे फिसली...
एक कहानी हलकी फुलकी, उड़ जाए जो फूंकें तितली |
भारी भरकम एक कहानी, केले के छिलके पे फिसली...
एक कहानी हलकी फुलकी, उड़ जाए जो फूंकें तितली |

खट्टी हो तो नमक लगा के, खट्टी हो तो नमक लगा के
गले में अटके पानी.. लेलो.. लेलो.. लेलो
गुच्छा है भाई गुच्छा है कहानियों का गुच्छा है |
कहानी लेलो... |

Aug 1, 2022

सुनो कहानी (Suno Kahani) (Old Doordarshan Serial Title Song)

न कोई राजा न कोई रानी ..

दिल कहता है दिल की जुबानी...

सुनो कहानी ...सुनो...

सुनो कहानी ....सुनो...

सुनो कहानी ....

थोडा सा आकाश नीला है ..

थोड़ी सी माटी गीली है ...

जीते जागते इंसानों की ...

सोते हुयी टोली है ..

बहका बहका आँख का पानी..

सुनो कहानी ...सुनो..

Jul 28, 2022

Tap tap topi topi tap.. ( Alice in Wonderland) (Old Doordarshan Serial Title Song)

टप टप टोपी टोपी टप ..

टप टप टोपी टोपी टप ..
टप टप टोपी टोपी टोपे में जो डूबे
फर फर फरमाइशी देखे हैं अजूबे
उलट पलट गलत सलत ठाईं
झुबलि किधर जाईं

टप टप टोपी टोपी टप ..
टप टप टोपी टोपी टप ..

कुत्ते बिल्ली बिल्लियों की मूछों की फलासी
ताज़ा ताज़ा दो दो प्याज़ा रिंग शिंग बाशी
टुपुर टुपुर नाचे नूपुर पायी
झुबलि किधर जाईं

टप टप टोपी टोपी टप ..
टप टप टोपी टोपी टप ..

--- गुलज़ार

Nov 18, 2020

Title Song from Bharat Ek Khoj (Old Doordarshan Serial)

सृष्टी से पहले सत् नहीं था
असत् भी नहीं 
अन्तरिक्ष भी नहीं 
आकाश भी नहीं था 
छिपा था क्या? 
कहाँ? 
किसने ढका था? 
उस पल तो अगम अतल जल भी कहाँ था? ।।१।। 

नहीं थी मृत्यू
थी अमरता भी नहीं
नहीं था दिन 
रात भी नहीं
हवा भी नहीं 
साँस थी स्वयमेव फिर भी 
नही था कोई कुछ भी
परमतत्त्व से अलग या परे भी ।।२।। 

अंधेरे में अंधेरा-मुँदा अँधेरा था
जल भी केवल निराकार जल था
परमतत्त्व था सृजन-कामना से भरा 
ओछे जल से घिरा 
वही अपनी तपस्या की महिमा से उभरा ।।३।। 

परम मन में बीज पहला जो उगा 
काम बनकर वह जगा 
कवियों ग्यानियों ने जाना 
असत् और सत् का निकट संबंध पहचाना ।।४।। 

फैले संबंध के किरण धागे तिरछे 
परमतत्त्व उस पल ऊपर या नीचे? 
वह था बँटा हुआ 
पुरुष और स्त्री बना हुआ 
ऊपर दाता वही भोक्ता 
नीचे वसुधा स्वधा हो गया ।।५।। 

सृष्टी यह बनी कैसे? 
किससे? 
आई है कहाँ से? 
कोई क्या जानता है? 
बता सकता है? 
देवताओं को नहीं ग्यात
 वे आए सृजन के बाद 
सृष्टी को रचां है जिसने 
उसको जाना किसने? ।।६।। 

सृष्टी का कौन है कर्ता? 
कर्ता है वा अकर्ता? 
ऊँचे आकाश में रहता 
सदा अध्यक्ष बना रहता 
वही सचमुच में जानता 
या नहीं भी जानता है 
किसी को नहीं पता 
नहीं पता नहीं है पता ।।७।।

Aug 20, 2009

Muh ki Baat (Neem ka Ped) (Old Doordarshan Serial Title Song)

मुह की बात सुने हर कोई, दिल के दर्द को जाने कौन?
आवाजों के बाज़ारों में खामोशी पहचाने कौन?
मुह की बात..

सदियों-सदियों वही तमाशा, रास्ता रास्ता लम्बी खोज.
लेकिन जब हम मिल जाते है, खो जाता है जाने कौन!!

वो मेरा आइना है और मैं उसकी परछाई हूँ
मेरे ही घर में रहता है, मुझ जैसा ही जाने कौन

किरण किरण अलसता सूरज, पलक पलक खुलती नींदे
धीरे धीरे बिखर रहा है, जर्रा जर्रा जाने कौन?

This song “Muhn Ki baat sune har koi” by Jagjit Singh from the serial “Neem Ka Ped” that was telecasted on Doordarshan few years back. One of the most priced compositions of Nida Fazli.