Lyrics of Life
Poetry is untranslatable, like the whole art.
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Mar 11, 2026
शेर-ओ-शायरी - गीताप्रेस की किताब "एक लोटा पानी"
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1. आईना! मुँह पर ही कहता है—साफ-साफ। सच यह है-जो साफ होता है, सफा कहता है।। 2. सँभल कर बैठना, जलवा मुहब्बत देखने वाले। तमाशा खुद न बन जाना ...
Mar 3, 2026
अल्लामा इक़बाल की शायरी: इस्लाम, जम्हूरियत और आत्मबल का दर्शन
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अल्लामा मुहम्मद इक़बाल केवल शायर नहीं थे, वे एक विचारक, दार्शनिक और आत्मचेतना के कवि थे। उनकी शायरी व्यक्ति, समाज और सत्ता—तीनों से सवाल करत...
Feb 13, 2026
अकबर इलाहाबादी और सर सैयद: व्यंग्य और सामाजिक सुधार की शायरी
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अकबर इलाहाबादी केवल आलोचक नहीं थे; वे सर सैयद के सामाजिक सुधारों के समर्थक भी थे। उनके दृष्टिकोण में सर सैयद के प्रयासों का सम्मान था, लेकि...
Feb 9, 2026
15 बेहतरीन शेर - 19 !!!
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1. हमें तो ख़ैर कोई दूसरा अच्छा नहीं लगता, उन्हें ख़ुद भी कोई अपने सिवा अच्छा नहीं लगता -मोहसिन ज़ैदी 2. मिरे लहू से वज़ू और फिर वज़ू पे वज़...
Jan 27, 2026
कबीरदास के दोहे: सरल हिंदी में अर्थ
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1. दुर्बल को न सताइए, जाकी मोटी हाय। मरी खाल की साँस से, लोहा भस्म हो जाय॥ भावार्थ: कमजोर पर अत्याचार करने से स्वयं का नुकसान होता है। 2....
Jan 21, 2026
वो मिट्टी के बेटे - (Mitti Ke Bete Lyrics in Hindi) - INS Vikrant
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क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे..ए.. क्या मन मौजी बेफ़िक्रे थे मौत पे अपने हँसते थे दिल में वतन को रखने वाले सर पे कफ़न भी रखते थे हम जो तिरंगा लह...
3 comments:
Jan 18, 2026
घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में
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घर लौट के रोएँगे माँ बाप अकेले में मिट्टी के खिलौने भी सस्ते न थे मेले में काँटों पे चले लेकिन होने न दिया ज़ाहिर तलवों का लहू धोया छुप छु...
Jan 12, 2026
पाँच साल
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पाँच सालों में उग आता है बाप की आँखों में मोतियाबिंद जम जाती हैं माँ के चेहरे पर झुर्रियाँ चल बसता है दादा बिस्तर पकड़ लेती है दादी रिश्तेदा...
Jan 4, 2026
रहीम के 25 अमर दोहे: सरल भाषा में विस्तृत अर्थ
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1. अब रहीम मुश्किल पड़ी, गाढ़े दोऊ काम। सांचे से तो जग नहीं, झूठे मिलें न राम॥ विस्तृत अर्थ: जब मनुष्य पर कठिन समय आता है, तब सच्चाई का स...
Dec 31, 2025
UP Board Hindi Book "महान व्यक्तित्व" (पूर्व नाम – हमारे पूर्वज) के प्रेरक दोहे
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1. चढ़ै टरै सूरज टरै, टरै जगत व्यवहार। पै दृढ़ हरिचंद को, टरै न सत्य विचार।। 2. नौ लख पातर आगे नाचै, पीछे सहज अखाड़ा। ऐसो मन लै जोगी खेलै त...
Dec 27, 2025
Pind Apne Nu Jaanwa - Lyrics - Dharmendra Poem from Ikkis Movie
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आज वी जी करदा पिंड अपने नू जावां डोबे विच भड़कें मझियां नवावां लेके दाती पैयां विचों पत्ते वी ल्यावां मिटीयां च खेलना कबड्डी वाला खेल पिंड व...
Dec 24, 2025
अरावली के आख़िरी दिन
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एक मधुमक्खी परागकणों के साथ उड़ते-उड़ते थक जाएगी। सभी बहेलिए जाल को देखकर उलझन में पड़ जाएँगे। एक नन्हा ख़रगोश लू की बौछार में हाँफते-हाँफते...
Dec 19, 2025
यह वह बनारस नहीं गिंसबर्ग
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'हाउल' नहीं गिंसबर्ग परवर्ती पीढ़ी हमारी नहीं मालूम जिसे क्यों कब किसने लिखा कुछ पढ़कर सो कुछ लिखकर सो देख रही बिकती बोटियाँ जिगर कीं ...
Dec 10, 2025
खेले मसाने में होरी दिगम्बर
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खेले मसाने में होरी दिगम्बर भुत पिसाच बटोरी दिगंबर खेले मसाने में होरी, लखि सूंदर फागुनी झता के, मन से रंग गुलाल हटा के, चिता बसम की झोरी दि...
Dec 6, 2025
हिंदू मुस्लिम करने वाले देश के दुश्मन
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उजले कपड़े, मन के काले देश के दुश्मन हिंदू मुस्लिम करने वाले देश के दुश्मन दूर दूर तक देख न पाने की मजबूरी हिलते से आंखों के जाले देश के दुश...
Nov 26, 2025
इश्क़ जलाकर - Ishq Jalakar | Karvaan - Hindi Lyrics– Dhurandhar Movie
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धूप टूट के कांच की तरह चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा आंधियां कई दिल में है मेरे चुभ गई तो क्या अब देखा जाएगा दिल है टूटा मेरा मैं इश्क जला कर...
Nov 24, 2025
ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा
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मैं इस उम्मीद पे डूबा के तू बचा लेगा अब इसके बाद मेरा इम्तेहान क्या लेगा ये एक मेला है वादा किसी से क्या लेगा ढलेगा दिन तो हर एक अपना रास्ता...
Nov 20, 2025
सुभाषितानि - 4 (Subhashitani -4)
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1. सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्चिद् दुःखभाग् भवेत्॥ हिन्दी अर्थ: सब लोग सुखी हों, सब लोग स्वस...
Nov 18, 2025
सुभाषितानि - 3 (Subhashitani -3)
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1. क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत्। क्षणत्यागे कुतो विद्या कणत्यागे कुतो धनम्॥ अर्थ : हर क्षण और हर छोटे से छोटे कण का ध्यान रखकर वि...
Nov 16, 2025
सुभाषितानि -2 (Subhashitani -2)
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1. अक्रोधेन जयेत्त्क्रोधम् असाधुं साधुना जयेत्। जयेत्त्कदर्यं दानेन जयेत्स्तेनं चातुतम्॥ अर्थ : गुस्से से क्रोध को हराया जा सकता है। बुर...
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