Wednesday, November 18, 2009

मंत्र कविता

ॐ शब्द ही ब्रह्म है
ॐ शब्द और शब्द और शब्द और शब्द
ॐ प्रणव, ॐ नाद, ॐ मुद्राएँ
ॐ वक्तव्य, ॐ उद्गार, ॐ घोषणाएँ
ॐ भाषण…
ॐ प्रवचन…
ॐ हुंकार, ॐ फटकार, ॐ शीत्कार
ॐ फुस-फुस, ॐ फुत्कार, ॐ चित्कार
ॐ आस्फालन, ॐ इंगित, ॐ इशारे
ॐ नारे और नारे और नारे और नारे
ॐ सब कुछ, सब कुछ, सब कुछ
ॐ कुछ नहीं, कुछ नहीं, कुछ नहीं
ॐ पत्थर पर की दूब, खरगोश के सींग
ॐ नमक-तेल-हल्दी-जीरा-हींग
ॐ मूस की लेंड़ी, कनेर के पात
ॐ डायन की चीख, औघड़ की अटपट बात
ॐ कोयला-इस्पात-पेट्रोल
ॐ हमीं हम ठोस, बाकी सब फूटे ढोल
ॐ इदमन्नं, इमा आप:, इदमाज्यम, इदं हवि
ॐ यजमान, ॐ पुरोहित, ॐ राजा, ॐ कवि:
ॐ क्रांति: क्रांति: क्रांति: सर्वग्वम् क्रांति:
ॐ शांति: शांति: शांति: सर्वग्वम् शांति:
ॐ भ्रांति: भ्रांति: भ्रांति: सर्वग्वम् भ्रांति:
ॐ बचाओ बचाओ बचाओ बचाओ
ॐ हटाओ हटाओ हटाओ हटाओ
ॐ घेराओ घेराओ घेराओ घेराओ
ॐ निभाओ निभाओ निभाओ निभाओ
ॐ दलों में एक दल अपना दल, ॐ
ॐ अंगीकरण, शुद्धीकरण, राष्ट्रीकरण
ॐ मुष्टीकरण, तुष्टीकरण, पुष्टीकरण
ॐ एतराज़, आक्षेप, अनुशासन
ॐ गद्दी पर आजन्म वज्रासन
ॐ ट्रिब्यूनल ॐ आश्वासन
ॐ गुट-निरपेक्ष सत्ता-सापेक्ष जोड़-तोड़
ॐ छल-छंद, ॐ मिथ्या, ॐ होड़महोड़
ॐ बकवास, ॐ उद्घाटन
ॐ मारण-मोहन-उच्चाटन
ॐ काली काली काली महाकाली महाकाली
ॐ मार मार मार, वार न जाए खाली
ॐ अपनी खुशहाली
ॐ दुश्मनों की पामाली
ॐ मार, मार, मार, मार, मार, मार, मार
ॐ अपोजिशन के मुंड बनें तेरे गले का हार
ॐ ऐं हीं वलीं हूँ ॐ
ॐ हम चबाएंगे तिलक और गांधी की टांग
ॐ बूढे की आँख, छोकरी का काजल
ॐ तुलसीदल, बिल्वपत्र, चंदन, रोली, अक्षत, गंगाजल
ॐ शेर के दाँत, भालू के नाखून, मरकत का फोता
ॐ हमेशा हमेशा हमेशा करेगा राज मेरा पोता
ॐ छू: छू: फू: फू: फट फिट फुट
ॐ शत्रुओं की छाती पर लोहा कुट
ॐ भैरो, भैरो, भैरो, ॐ बजरंगबली
ॐ बन्दूक का टोटा, पिस्तौल की नली
ॐ डालर, ॐ रूबल, ॐ
ॐ साउंड, ॐ साउंड, ॐ साउंड
ॐ ॐ ॐ
ॐ धरती, धरती, धरती, व्योम् व्योम् व्योम्
ॐ अष्टधातुओं की ईंटों के भट्ठे
ॐ महामहिम, महामहो, उल्लू के पट्ठे
ॐ दुर्गा दुर्गा तारा तारा तारा
ॐ इसी पेट के अदंर समा जाए सर्वहारा
हरि: ॐ तत्सत् हरि: ॐ तत्सत्
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नागार्जुन

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