Dec 5, 2009

कोशिश करने वालों की

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

- सोहनलाल_द्विवेदी) (few people think that it is from सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" or हरिवंशराय बच्चन )

11 comments:

Unknown said...

This is an awesome poem !

Yayaver said...

yaa truly inspiring...

मकरंद ठोसर said...

खुद अमिताभ बच्चन जी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है की यह रचना सोहनलाल द्विवेदि जी की है

Yayaver said...

मकरंद ठोसर .. I had corrected that. Thanks for correcting the mistake.

R said...

Very nice

Shyam Bhardwaj Vlogs Official said...

Truely Inspiring me/.
Agneepath Poem Lyrics – Agneepath(2012)

Here is amazing poem lyrics by harivansh rai bachchan

Unknown said...

Wow amezing

Gunwant kumar Samastipur said...

हमारे भारतीयों संस्कृति पर गर्व है मुझे
जय हिंद,🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Unknown said...

Wow amazing poem

Shyam Bhardwaj Vlogs Official said...

google share buy india

Anonymous said...

Very nice 👍