सर-ए-आइना मेरा अक्स है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है, पस-ए-आइना कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का, मुझे सोचता कोई और है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है, पस-ए-आइना कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
तुझे दुश्मनों की खबर न थी, मुझे दोस्तों का पता नहीं
तुझे दुश्मनों की खबर न थी, मुझे दोस्तों का पता नहीं
तेरी दास्तां कोई और थी
तेरी दास्तां कोई और थी, मेरा वाक़िआ कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
मैं किसी के दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी के हर्फ़-ए-दुआ में हूँ
मैं किसी के दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी के हर्फ़-ए-दुआ में हूँ
मैं नसीब हूँ किसी और का
मैं नसीब हूँ किसी और का, मुझे माँगता कोई और है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है, पस-ए-आइना कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
सर-ए-आइना मेरा अक्स है, पस-ए-आइना कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
तुझे दुश्मनों की खबर न थी, मुझे दोस्तों का पता नहीं
तुझे दुश्मनों की खबर न थी, मुझे दोस्तों का पता नहीं
तेरी दास्तां कोई और थी
तेरी दास्तां कोई और थी, मेरा वाक़िआ कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
मैं किसी के दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी के हर्फ़-ए-दुआ में हूँ
मैं किसी के दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी के हर्फ़-ए-दुआ में हूँ
मैं नसीब हूँ किसी और का
मैं नसीब हूँ किसी और का, मुझे माँगता कोई और है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है
सर-ए-आइना मेरा अक्स है, पस-ए-आइना कोई और है
मैं ख़याल हूँ किसी और का मैं ख़याल हूँ किसी और का
--- सलीम कौसर
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