January 26, 2018

किस्सा जनतंत्र

करछलु -
बटलोही से बतियाती है और चिमटा
तवे से मचलता है
चूल्हा कुछ नहीं बोलता
चुपचाप जलता है और जलता रहता है

औरत -
गवें गवें उठती है - गगरी में
हाथ डालती है
फिर एक पोटली खोलती है l
उसे कठवत में झाड़ती है
लेकिन कठवत का पेट भरता ही नहीं
पतरमुही (पैथन तक नहीं छोड़ती)
सरर फरर बोलती है और बोलती रहती है

बच्चे आँगन में -
आँगड़ बाँगड़ खेलते हैं
घोड़ा-हाथी खेलते हैं
चोर-साव खेलते हैं
राजा-रानी खेलते हैं और खेलते रहते हैं
चौके में खोई हुई औरत के हाथ
कुछ भी नहीं देखते
वे केवल रोटी बेलते हैं और बेलते रहते हैं

एक छोटा-सा जोड़-भाग
गश खाती हुई आग के साथ-साथ
चलता है और चलता रहता

बड़कू को एक
छोटकू को आधा
परबत्ती बालकिशुन आधे में आधा
कुल रोटी छै
और तभी मुँहदुब्बर
दरबे में आता है - खाना तैयार है ?
उसके आगे थाली आती है
कुल रोटी तीन
खाने से पहले मुँहदुब्बर
पेट भर
पानी पीता है और लजाता है
कुल रोटी तीन
पहले उसे थाली खाती है
फिर वह रोटी खाता है

और अब -
पौने दस बजे हैं -
कमरे की हर चीज़
एक रटी हुई रोजमर्रा धुन
दुहराने लगती है
वक्त घड़ी से निकलकर
अँगुली पर आ जाता है और जूता
पैरों में, एक दन्तटूटी कंघी
बालों में गाने लगती है

दो आँखें दरवाज़ा खोलती हैं
दो बच्चे टाटा कहते हैं
एक फटेहाल कलफ कालर -
टाँगों में अकड़ भरता है
और खटर पटर एक ढढ्ढा साइकिल
लगभग भागते हुए चेहरे के साथ
दफ़्तर जाने लगती है
सहसा चौरस्ते पर जली लाल बत्ती जब
एक दर्द हौले से हिरदै को हूल गया
'ऐसी क्या हड़बड़ी कि जल्दी में पत्नी को
चूमना -
देखो, फिर भूल गया l'

--- धूमिल

January 21, 2018

चौबीस घण्टा

समय को चौबीस घण्टों ने
जकड़ रखा है
सुकून से बात करना है तो
चौबीस घण्टों के बाहर के
समय में तुम आओ
मैं तुम्हारा इन्तज़ार करूँगा
बीते हुए समय को
अभी के समय में बदलकर
पहली मुलाक़ात के
क्षण से शुरू करें !

---रतन थियाम
मणिपुरी भाषा से अनुवाद - उदयन वाजपेयी

January 5, 2018

Humanity I Love You

Humanity i love you
because you would rather black the boots of
success than enquire whose soul dangles from his
watch-chain which would be embarrassing for both

parties and because you
unflinchingly applaud all
songs containing the words country home and
mother when sung at the old howard

Humanity i love you because
when you’re hard up you pawn your
intelligence to buy a drink and when
you’re flush pride keeps

you from the pawn shop and
because you are continually committing
nuisances but more
especially in your own house

Humanity i love you because you
are perpetually putting the secret of
life in your pants and forgetting
it’s there and sitting down

on it
and because you are
forever making poems in the lap
of death Humanity

i hate you

--- E. E. Cummings

January 1, 2018

ऐ नये साल

ऐ नये साल बता, तुझ में नयापन क्या है?
हर तरफ ख़ल्क ने क्यों शोर मचा रखा है?
रौशनी दिन की वही, तारों भरी रात वही,
आज हमको नज़र आती है हर बात वही।
आसमां बदला है अफसोस, ना बदली है जमीं,
एक हिन्दसे का बदलना कोई जिद्दत तो नहीं।
अगले बरसों की तरह होंगे करीने तेरे,
किसे मालूम नहीं बारह महीने तेरे।
जनवरी, फरवरी और मार्च में पड़ेगी सर्दी,
और अप्रैल, मई, जून में होवेगी गर्मी।
तेरे मान-दहार में कुछ खोएगा कुछ पाएगा,
अपनी मय्यत बसर करके चला जाएगा।
तू नया है तो दिखा सुबह नयी, शाम नई,
वरना इन आंखों ने देखे हैं नए साल कई।
बेसबब देते हैं क्यों लोग मुबारक बादें,
गालिबन भूल गए वक्त की कडवी यादें।
तेरी आमद से घटी उमर जहां में सभी की,
'फैज' नयी लिखी है यह नज्म निराले ढब की।

--- फैज़ अहमद 'फैज़'

खल्क – दुनिया
हिन्दसे – गणित (count, number)
जिद्दत – नयी बात (novelty)
करीने – ढ़ंग
मान-दहार – समय (time period)
ग़ालिबन – शायद
आमद – आने से

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