Saturday, April 17, 2010

आज एक हर्फ़ को फिर ढूंढता फिरता है ख्याल

आज एक हर्फ़ को फिर ढूंढता फिरता है ख्याल
मदभरा हर्फ़ कोई, ज़हर भरा हर्फ़ कोई

हर्फ़ = paper, ख्याल = imagination, idea, फिर = again, ढूंढता = finding, ढूंढता फिरता = finding here and there, मदभरा = filled with eulogy, ज़हर = poison, भरा = filled with

दिलनशी हर्फ़ कोई, क़हर भरा हर्फ़ कोई
आज एक हर्फ़ को फिर ढूंढता फिरता है ख्याल

दिलनशी = intoxicating love, क़हर = disaster

हर्फ़-ऐ-उल्फत कोई दिलदार नज़र हो जैसे
जिससे मिलती है नज़र बोसा-ऐ-लब की सूरत

उल्फत = love, हर्फ़-ऐ-उल्फत = letter (paper) of/with love, नज़र = in front of eyes, बोसा = kiss, लब = lips, बोसा-ऐ-लब = kissed with lips, सूरत = image (also means face, but image is most appropriate)

इतना रौशन की सरे मौज-ऐ-ज़र हो जैसे
सौहबतें यार में आगाज़-ऐ-तरब की सूरत

इतना = so much, रौशन = bright, सरे = in public, out there, मौज = surge, wave, ज़र = gold, मौज-ऐ-ज़र = surge (wave) of gold, सौहबतें = in company, यार = beloved, आगाज़ = start, beginning, तरब = joy, happiness

हर्फ़-ऐ-नफरत कोई शमशीरे गज़ब हो जैसे
आज एक हर्फ़ को फिर ढूंढता फिरता है ख्याल|

नफरत = hate, शमशीरे = swords, गज़ब = very strong, powerful

-फैज़ अहमद फैज़.

Thanks to the user for such detailed explanation of poem. You will find youtube video of the movie 'In custody' in the weblink where poem is used.

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