हे, हर-हर-हर महादेव शिवशंकर
सह्यगिरी शिखरावर आले
हे, सळ-सळ-सळ रणकंटक तलवारी
वज्रमूठ सरसावून भाले
तू तेजःपुंज झुंजार, चेतवून अंगार
भेदलास अंधार सारा
तू अर्थ रामराज्याचा, हिंदवी स्वराज्याचा
एकमेव आराध्य झाला
दुष्ट दुर्जनांसी संहारले (हे)
पातशाहीला तू ललकारले (हे)
एक नव्या पर्वाची एकजूट करण्यासी
एक छत्र छाया आधार दे
एक शस्त्र, एक अस्त्र शूरवीर छत्रपती
धैर्यशील, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे (हे-हे)
माय भवानीचा तू वाघ रे
कीर्तीवंत, पुण्यवंत, नीतीवंत छत्रपती
अद्वितीय क्षत्रियकुलावतंस छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे
माय भवानीचा तू वाघ रे
देव, देश, धर्माची, सर्वश्रेष्ठ कर्माची
आन घेतली रक्त सांडले जरी
अंधकार शतकांचा भस्मसात करण्यासी
एक तप्त ज्वाला ही पेटली उरी
भक्ती रूप संतांचा, साधू अन महंतांचा
हात जोडूनी मान राखलास तू
जर कुणी स्वराज्यावर वाकडी नजर केली
हात-पाय चौरंगी छाटलास तू
मोडून जात-पात रयतेसी देई साथ
त्यांचा सदैव कैवारी झाला
झाले बहुत राजे, जगतात नाव गाजे
लाखात एक शिवराय माझा
हात तुझा पाठीशी, वार झेलू छातीशी
ढाल तुझी होण्याचा मान दे
एक शस्त्र, एक अस्त्र शूरवीर छत्रपती
धैर्यशील, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे (हे-हे)
माय भवानीचा तू वाघ रे
कीर्तीवंत, पुण्यवंत, नीतीवंत छत्रपती
अद्वितीय क्षत्रियकुलावतंस छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे
माय भवानीचा तू वाघ रे
मावळ-मावळ, पाठीशी बारा मावळ
देवाला शोधाया धावून आलं राऊळ
देवा रं देवा, सारं पावन झालं रं
आरती ओवाळा माझं राजं आलं रं
तोरण बांधून साजरं हे करू औक्षण कुंकुम भाळावर
शिवबांना डोळा पाहीन अन डोळ सारं पाणावलं
साष्टांग दर्शनाचा ह्या देवपूजनाचा
हा दैवयोग भाग्यात यावा
ध्वज उंच-उंच भगवा हा, वंदनीय भगवा हा
आसमंत भगवा कराया
जन्म सार्थ करण्यासी प्रार्थना ही चरणासी
प्राण अर्पण्याचा सन्मान दे
एक शस्त्र, एक अस्त्र शूरवीर छत्रपती
धैर्यशील, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे (हे-हे)
माय भवानीचा तू वाघ रे
कीर्तीवंत, पुण्यवंत, नीतीवंत छत्रपती
अद्वितीय क्षत्रियकुलावतंस छत्रपती
लाख मराठ्यांची तू आग रे
माय भवानीचा तू वाघ रे
--- अजय-अतुल
Hindi Translation
हे, हर-हर-हर महादेव शिवशंकर
सह्यगिरि की शिखर-भूमि पर आए
हे, सुस्सलाती रणकंटक तलवारें
वज्रमूठ कसकर भाले
तुम तेजस्वी, पराक्रमी, अंगार-सा जोश जगाने वाले
तुमने सारा अंधकार चीर दिया
तुम रामराज्य के अर्थ हो, हिंदवी स्वराज्य के प्रतीक हो
और तुम ही एकमात्र आराध्य बन गए
दुष्टों और दुराचारियों का संहार किया
सत्ता को ललकार दिया
एक नए युग को एकजुट करने के लिए
एक ही छत्र की छाया और सहारा दो
एक ही शस्त्र, एक ही अस्त्र, वीर छत्रपति
धैर्यवान, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
कीर्तिवान, पुण्यवान, नीतिवान छत्रपति
अद्वितीय क्षत्रिय कुल के आभूषण छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
देव, देश और धर्म के लिए
सर्वश्रेष्ठ कर्म के लिए
यदि रक्त भी बहाना पड़ा, तो भी स्वीकार किया
अंधकार के शतकों को भस्म करने के लिए
एक तपती ज्वाला हृदय में प्रज्वलित हुई
भक्ति-रूप संतों, साधुओं और महंतों का
तुमने हाथ जोड़कर सम्मान रखा
यदि किसी ने स्वराज्य पर टेढ़ी नजर डाली
तो तुमने उसके हाथ-पाँव काट दिए
जात-पात तोड़कर रयत का साथ दिया
और सदा उनका रक्षक बन गया
बहुत से राजा हुए, जिनका नाम दुनिया में गूंजा
मेरे शिवराय तो लाखों में एक हैं
तुम्हारा हाथ मेरी पीठ पर रहे, मैं सीना तानकर वार सह लूँ
तुम्हारी ढाल बनने का मुझे सम्मान दो
एक ही शस्त्र, एक ही अस्त्र, वीर छत्रपति
धैर्यवान, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
कीर्तिवान, पुण्यवान, नीतिवान छत्रपति
अद्वितीय क्षत्रिय कुल के आभूषण छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
मावळ-मावळ, पीछे बारह मावळ
देव को खोजने दौड़कर रावल आया
हे देव, सब कुछ पावन हो गया
मेरे राजा आए, उनकी आरती उतारो
तोरण बाँधकर इसे उत्सव बनाएं,
माथे पर कुंकुम से औक्षण करें
शिवबाओं को आँखों से देखूँ तो
सब कुछ आँसुओं से भर जाए
इस साष्टांग दर्शन और देवपूजन का
यह सौभाग्य मेरे भाग्य में आए
यह ऊँचा-ऊँचा भगवा ध्वज, यह वंदनीय भगवा
आसमाँ तक भगवा कर दे
जन्म को सार्थक करने के लिए चरणों में प्रार्थना है
प्राण अर्पण करने का सम्मान दो
एक ही शस्त्र, एक ही अस्त्र, वीर छत्रपति
धैर्यवान, सत्वशील, धर्मनिष्ठ छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
कीर्तिवान, पुण्यवान, नीतिवान छत्रपति
अद्वितीय क्षत्रिय कुल के आभूषण छत्रपति
लाखों मराठों की तुम ज्वाला हो
माँ भवानी के तुम शेर हो
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