Oct 27, 2026

15 बेहतरीन शेर - 26 !!!

1. जिस धज से कोई मक़्तल में गया वो शान सलामत रहती है,
ये जान तो आनी जानी है इस जान की तो कोई बात नहीं -- फ़ैज़

2. आईये हाथ उठायें हम भी, हम जिन्हें रस्म-ए-दुआ याद नहीं
हम जिंहें सोज़-ए-मोहब्बत के सिवा कोई बुत, कोई ख़ुदा याद नहीं --- फ़ैज़

3. .सामने वाले को हल्का जान कर भारी हैं आप आपका मेयार देखा कितने मेयारी हैं
उफ़ तलक करते नहीं ज़िल्ले इलाही के ख़िलाफ़ आपको दरबार की आदत है दरबारी हैं आप 
--- अब्बास क़मर

4. केहू कहत है खाय का दाना नाय मिलत, केहू के शिकायत है ठेकाना नाय मिलत
येहि दौर से रफ़ीक हैं, हमहूं का शिकायत है, दिल लेहे घूमित है, निशाना नाय मिलत...!!!
--- रफ़ीक शादानी

5. जमीं बेच देंगे, गगन बेच देंगे, कली बेच देंगे, चमन बेच देंगे,
कलम के सिपाही अगर सो गए तो, वतन के मसीहा वतन बेच देंगे।

6. जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता ~वसीम बरेलवी

7. वो तो खुशबू है, हवाओं में बिखर जाएगा मसला फूल का है, वो किधर जाएगा - परवीन शाकिर 

8. यूँही आबाद रहेगी दुनिया, हम न होंगे कोई हम सा होगा -  नासिर काज़मी

9. ये जो कुछ देखते हैं हम फ़रेब-ए-ख़्वाब-ए-हस्ती है। तख़य्युल के करिश्मे हैं बुलंदी है न पस्ती है।। - बेदम शाह वारसी

10.  लगी जो आँख तो मंज़र था आइने जैसा, खुली जो आँख तो बाहर शदीद कोहरा था ~रशीदी

11.  मुल्ला को जो है हिंद में सजदे की इजाज़त, नादान ये समझता है कि इस्लाम है आजाद -  अल्लामा इकबाल

12. जौक़-ए-निगाह के सिवा शौक़-ए-गुनाह के सिवा , मुझ को बुतों से क्या मिला मुझ को ख़ुदा ने क्या दिया -  'हफ़ीज़' जालंधरी

13. बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मिरे आगे,  होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मिरे आगे - मिर्ज़ा ग़ालिब

14. चराग़-ए-शाम-ए-तन्हाई भी रौशन रख नहीं पाए, अब और आगे हवा की दोस्ती से चाहते क्या हो - ज़फ़र गोरखपुरी

15. चलते चलिए, ये हमें लेकर जिधर जाते हैं , ख़्वाब, आंखों ही में रहते हैं, तो मर जाते हैं। -  जावेद अख़्तर

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