Nov 6, 2025

बुद्ध भगवान

बुद्ध भगवान,

अमीरों के ड्राइंगरूम,

रईसों के मकान

तुम्हारे चित्र, तुम्हारी मूर्ति से शोभायमान।

पर वे हैं तुम्हारे दर्शन से अनभिज्ञ,

तुम्हारे विचारों से अनजान,

सपने में भी उन्हें इसका नहीं आता ध्यान।

--- हरिवंश राय 'बच्चन'

15 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में सोमवार 10 नवंबर , 2025 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  2. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में सोमवार 10 नवंबर , 2025 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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  3. Aapko bahut bahut dhanyawad aur shubeksha

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    1. शानदार फीडबैक! यह जानकर खुशी हुई कि कविता आपके मन को भाई। जल्द

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  5. अपना अंतःकरण जब तक शुध्द न होगा तब बुध्द कहाँ दिखाई देंगे और जब अंतःकरण निर्मल निष्कलंक है , सर्वत्र बुध्द ही नजर आयेंगे । सार्थक सटीक अभिव्यक्ति ।

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    1. आपके शब्दों ने दिल छू लिया! कविता का यही तो मकसद है। और प्रतिक्रिया साझा करते रहें।

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    1. शानदार फीडबैक! यह जानकर खुशी हुई कि कविता आपके मन को भाई।

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    1. बहुत-बहुत आभार! आपके शब्द प्रेरणा बने।

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    1. आपकी प्रशंसा ने मुस्कान बिखेर दी! काव्य यात्रा में साथ देते रहें।

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